भगत सिंह वो नाम है जो आज़ादी की लड़ाई में युवाओं का सबसे बड़ा नेता बन कर उभरा. देश को अपनी प्रेमिका मानता था और एक दफे तो अपने साथी चंद्रशेखर आज़ाद से ही लड़ गया था. आज ह…
भगत सिंह की ज़िन्दगी में क्रांति की ज्वाला बचपन से ही जल रही थी. तभी एक दफे भगत सिंह खेतों में ही बन्दूक बोना शुरू कर दिया था, और पूछने पर बताया कि जब बन्दूक उग जायेंगे त…
काकोरी कांड और सांडर्स वध के बाद अंग्रेजो के ज़हन में भगत का खौफ समां गया था और डर था कि अगर भगत को जेल से बाहर रक्खा गया तो शायद विद्रोह की स्थिति पैदा हो जाएगी. इसके बा…
फांसी वाले दिन कि कहानी भी अलग ही है, भगत ने एक ख़त लिखा, जिसमें माँ से न रोने को कहा था. और 23 मार्च 1931 को सुखदेव और राजगुरु के साथ भगत सिंह को फांसी पर चढ़ा दिया गया.…
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