भारत समेत 7 देशों के समूह बिम्सटेक में हर साल करीब 2 लाख लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी…
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय हैकाथॉन में भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के छात्रों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं…
हैकाथॉन में भाग लेने वाली टीमों को सड़क सुरक्षा से जुड़ी तीन वास्तविक समस्याओं के लिए AI-आधारित समाधान बनाने का काम दिया गया था। ये चुनौतियाँ थीं:
1. ड्राइवलीगल (DriveLegal): एक ऐसा AI चैटबॉट बनाना जो किसी भी व्यक्ति को उसके स्थान के अनुसार यातायात के नियम, जुर्माने और कानूनी प्रक्रिया की सटीक जानकारी तुरंत दे सके।
2. रोडवॉच (RoadWatch): एक ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित करना, जहाँ आम नागरिक सड़कों के गड्ढे, टूटे संकेतक या अन्य समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकें। साथ ही, वे यह भी ट्रैक कर सकें…
3. रोड एसओएस (Road SOS): दुर्घटना की स्थिति में फौरन नजदीकी ट्रॉमा सेंटर, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की जानकारी देने वाला एक AI सिस्टम तैयार करना।
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