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पेशकार व वकील के चक्कर काटने से मिलेगा छुटकारा

(फोटो: IANS)

अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के लिए खुशखबरी है। राजस्व न्यायालयों के वादों की सूचना अब एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। जी हां! राजस्व परिषद ने यह नई पहल की है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन…

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राजस्व परिषद की ओर से सभी मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारियों को इस बावत पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को कुल अन…

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इस व्यवस्था को लागू करने के लिए वादकारियों, अधिवक्ताओं, पेशकार एवं पीठासीन अधिकारियों के मोबाइल नंबर को राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर भरा जाना आवश्यक होगा। पेशकार एवं पीठासीन…

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इसके लिए बाकायदा प्रोफाइल तैयार किया गया है। इसमें अधिकारी, वादी-प्रतिवादी के अधिवक्ताओं तथा वादी-प्रतिवादी का मोबाइल नंबर फीड किया जाएगा। एडीएम प्रशसन एसपी गुप्ता ने बताया कि आयुक्त एवं सचिव आलोक कुम…

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डिजिटल इंडिया ने तहसील कचहरी की भाग दौड़ न करने वालों के लिए एक काम आसान कर दिया। जमीन की विरासत दर्ज कराने को अब लेखपाल और दूसरे राजस्व कर्मियों के साथ कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बल्कि मृत्यु…

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पहले चरण में खसरा, खतौनी को ऑनलाइन करने की तैयारी कर ली गई है। इसके बाद इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे और विस्तृत किया गया। अब शासन ने जमीनों के दस्तावेज में दर्ज होने वाली विरासत को भी ऑनलाइन कर दिया गया…

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