वर्तमान समय में देश में मंदी छाई हुई है। GDP ग्रोथ रेट नीचे गिर रहा है। सरकार की नीतियों की आलोचना की जा रही है। उद्योगपति, अर्थशास्त्री और विपक्ष के नेता भी सरकार को देश…
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि वह आर्थिक मंदी से चिंतित नहीं हैं क्योंकि "कुछ चीजें" जो हो रही हैं, उनका आगे चलकर प्रभाव पड़ेगा। गौरतलब है कि प्रणब GS…
आपको बता दें कि प्रणब मुखर्जी यूपीए सरकार में वित्त मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी की जरूरत नहीं है।
प्रणब ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “मैं देश में जीडीपी वृद्धि की धीमी दर से चिंतित नहीं हूं। कुछ चीजों पर इसका असर पड़ेग…
उन्होंने कहा "भारतीय बैंकों ने 2008 में वित्तीय संकट के दौरान लचीलापन दिखाया। मैं तब वित्त मंत्री था। एक भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने मुझसे पैसे के लिए संपर्क नहीं किय…
मुखर्जी ने कहा कि अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बड़े पैमाने पर पूंजी डालने की जरूरत है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
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