भारत को आजादी दिलाने में कई वीर जवानों ने अपने प्राणों की बलि दे दी। आज भारत आजादी के सत्तर साल का जश्न मना रहा है। आजादी से लेकर अब तक हमारे देश में कई सारे बदलाव आये। वक्त के साथ-साथ आजादी का नजरिया…
जी हाँ, भारत अपनी आजादी की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस दौरान भारतीय सिनेमा में भी कई बदलाव आए। सरहदों, लड़ाईयों और बाहरी दुश्मनों से हटकर अब सिनेमा देश के अंदर चल रही समस्याओं पर फोकस कर रहा है। पिछ…
11 साल पहले रिलीज हुई इस फिल्म ने न सिर्फ सफलता का रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि सोशल मैसेज के साथ ही आज के यूथ को सोचने पर भी मजबूर कर दिया। हम कहां जा रहे हैं, हमारी जिंदगी का मकसद क्या है। सरकार और देश को को…
लंबे समय बाद कोई ऐसी फिल्म रिलीज हुई जिसने बिना कोई भाषण दिए सीधे लोगों के दिलों पर चोट की। फिल्म कई सवाल खड़े करती है। जैसे-गलती किसी की भी हो, लेकिन इल्जाम हमेशा लड़की पर आता है, हमेशा उसके कैरेक्टर…
फिल्म का मोहन भार्गव उन सारे युवाओं का प्रतीक है जो बेहतर जिंदगी की तलाश में देश छोड़कर पलायन कर रहे हैं। वो रहता तो नासा में है, लेकिन उसकी जड़े भारत में है। जिन्हें वो चाहकर भी खुद से अलग नहीं कर पा…
एक सताया हुआ कोच, एक बेरुखी की शिकार टीम और एक मौका खुद को सही साबित करने का। इंडियन हॉकी टीम के कोच कबीर खान के लिए ये मौका है बदनामी के दाग से बाहर निकलने का तो हॉकी टीम की लड़कियों के पास मौका है उ…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें