वृंदावन नगरी कृष्ण भगवान की नगरी के तौर पर जानी जाती है। भगवान कृष्ण का बचपन इसी नगरी में बिता था। उनके बालकांड से लेकर राधा के साथ उनकी रासलीला का साक्षी बना है वृन्दावन , आपको बताना चाहेंगे निधिवन ए…
आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि शयन के लिए पलंग लगाया जाता है आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि शयन के लिए पलंग लगाया जाता है है कि यहां कोई आता है और प्रशाद भी ग्रहण करता है। लगभग दो ढाई एकड़ क्षेत्रफल में फैल…
निधिवन परिसर में ही संगीत सम्राट एवं धुपद के जनक श्री स्वामी हरिदास जी की जीवित समाधि, रंग महल, बांके बिहारी जी का प्राकट्य स्थल, राधा रानी बंसी चोर आदि दर्शनीय स्थान है।
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रास के बाद श्रीराम और श्रीकृष्ण परिवार के ही रंग महल में विश्राम करते हैं। सुबह 5:30 बजे रंग महल का पट खुलने पर उनके लिए रखी दातून गीली मिलती है और सामान बिखरा हुआ मिलता है जैसे कि रात को कोई पलंग पर…
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