भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दुनिया में बन रहे नए वैश्विक समीकरणों पर अहम टिप्पणी की है। नई दिल्ली में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि आज क…
जयशंकर के मुताबिक, इस दौर में उभरती और मध्यम शक्तियों वाले देश अपने लिए ज़्यादा से ज़्यादा विकल्प तैयार करने और जोखिमों को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने…
विदेश मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वो दिन अब पीछे छूट गए हैं जब देशों के बीच सहयोग के लिए विचारों का बिल्कुल एक जैसा होना ज़रूरी माना जाता था। उन्होंने कहा, "आज के सम…
उन्होंने आगे समझाया कि जब तक उभरती और मध्यम शक्तियों के हितों में सीधा टकराव नहीं होता, वे स्वाभाविक रूप से आपस में सहयोग करना चाहेंगी। साथ ही, वे अमेरिका और चीन के साथ भ…
अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए जयशंकर ने कई अंतरराष्ट्रीय पहलों का उदाहरण दिया। उन्होंने 'क्वाड' का जिक्र करते हुए कहा कि यह इसका एक बड़ा उदाहरण है, जहाँ हिंद-प्रशांत क्ष…
इसके अलावा, उन्होंने 'ब्रिक्स' को वैश्विक व्यवस्था में सामूहिक आवाज़ को मजबूत करने का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, "असल में 'ब्रिक्स' इस बात का उदाहरण है कि आज कई देश महसू…
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