मुंबई में बुधवार को अदालत ने एक दिव्यांग व्यक्ति को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्राम अफेंसेस एक्ट के तहत नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी ठहराया है. जिस लडकी के साथ दुष्कर्म किया गया है. वह लड़की शेल्टर…
बता दें कि पीडित लड़की सेंट्रल मुंबई के एक शेल्टर होम में रहती थी. उसकी मां नही थी और पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. वह बगल के एक स्कूल में पढ़ने जाती थी, जहां का एक केयरटेकर उसे शेल्टर होम से…
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जैसे ही शेल्टर होम के अधिकारियों को लड़की के भागने की खबर मिली, तो उन्होंने मुंबई पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई. दूसरी ओर अभियुक्त धनेश कुमार लड़की को एक जगह से दूसरी जगह ले जाता रहा था, ताकि पुलिस…
एक महीने के बाद आरोपी धनेश कुमार पीड़ित लड़की को उसके शेल्टर होम के पास छोड़ कर भाग गया. शेल्टर होम की अन्य लड़कियों ने जब उसे देखा, तो इसकी सूचना अधिकारियों को दे दी. मेडिकल जांच के लिए उसे अस्पताल ल…
अदालत में डॉक्टर ने बताया कि पीड़ित लड़की नाबालिग है और उसके साथ दुष्कर्म किया गया है. वहीं अभियुक्त के वकील की दलील थी कि लड़की झूठ बोल रही है और वह किसी तरह शेल्टर होम से भागने की फिराक में थी, लेकि…
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