नवरात्रि के चौथे दिन कुष्मांडा माता की आराधना की जाती है। इनकी कृपा से सभी प्रकार के रोग-शोक दूर हो जाते हैं। अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मनुष्य भाग्यशाली बन जाता है। अष्टभुजाधारी माता कुष्मांडा…
ऐसे करेें पूजा पाठनवरात्रि के चौथे दिन मां की पूजा हरे रंग के कपड़े पहनकर करने का विधान है। मां के लिए ऊं कुष्मांडा देव्यै नम: मंत्र का जाप किया जाना चाहिए। वहीं सिद्ध कुंजिका स्रोत का पाठ करना नवरात्…
मां कुष्मांडा को अष्टभुजादारी भी कहा जाता हैऐसी मान्यता ये है कि जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब कुष्माण्डा देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। अपनी मंद-मंद मुस्कान भर से ब्रह्मांड की उत्पत्ति करने के…
देवी कुष्मांडा दीर्घायु, प्रसिद्धि और ताकत प्रदान करती हैनवरात्रि पर्व के चौथे दिन भक्त का मन अनाहता चक्र में प्रवेश करता है। जिसमें उसे फोकस रहना चाहिए। केवल मां कुष्मांडा की पूजा करने से भक्त को अपन…
मां कुष्मांडा का मंत्रः ॐ देवी कुष्मांडाये नमः , इस मंत्र का 108 बार जाप करें।
सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥
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