राहुल गाँधी ने कल एक रैली को सम्बोधित करते हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी मसूद अज़हर को “मसूद अज़हर जी” कह कर सम्बोधित किया और इसके बाद से ही फिर चाहे मीडिया हो या फिर ट्विटर पर उपस्थित किसी एक पार्…
अब सवाल यह उठता है कि क्या असल मे राहुल गांधी की मंशा मसूद अजहर जैसे दुर्दांत आतंकवादी को ‘जी’ बोलकर सम्मान देने की थी? या वो व्यंग कर रहे थे? वैसे अगर इस मामले के तह में जाकर थोड़ा दिमाग लगाएं तो समझ…
वैसे मसला यह नही है कि मसूद अजहर को ‘जी’ संबोधित किया गया या नही बल्कि मसला यह है कि किसी एक व्यक्ति की बात को सही तरह से समझा गया या नहीं. बातो को समझने से ही हम बात की तह तक पहुचते है और वैसे भी अगर…
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