शिव कि उपसना करने वाला सम्प्रदाय शैव कहलाते हैं. यह एक ऐसी परम्परा है जिसमें भक्त शिव परम्परा से बंधा हो. यह प्राचीन काल में दक्षिण भारत में बहुत लोकप्रिय हुई थी. भारत का हृदयस्थल आधुनिक मध्यप्रदेश जि…
ये समृद्ध शैव परम्परा प्रदेश के सभी भागों में प्रचलित रही है. जिसके प्रमाण बड़ी संख्या में स्थित शिव मंदिरों, शिव के विभिन्न स्वरूपों को अभिव्यक्त करने वाली मूर्तियों और भग्नावशेषों में मिलते हैं.मध्य…
पुराणों और इतिहासकारों द्वारा किए गए विभिन्न शोधों और उत्खननों से पूर्व-वैदिक काल में भी शिव की पूजा के प्रचलन के प्रमाण मिलते हैं. पूर्व- ऐतिहासिक काल में चेदि और अवंति साम्राज्य में शिव की लोकप्रियत…
मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नदी मां नर्मदा के तट पर स्थित महेश्वर शैव परम्परा का एक महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है. इस मंदिर का उल्लेख रामायण और महाभारत में भी मिलता है. पुराणों के अनुसार भगवान शिव ने त्रिपुर…
उज्जैन शैव परम्परा का दूसरा सबसे बड़ा केन्द्र रहा है. यहां श्री महाकालेश्वर शिवलिंग प्रतिष्ठित है. यहीं पर प्रसिद्ध महाकाल वनक्षेत्र भी है. इस प्रकार हम देखते हैं कि मध्यप्रदेश में युगों-युगों से शैव…
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