इकोनॉमी

अब तो खत भी लिखना हो गया महंगा ।

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खत, जो कि पहले के समय और फिल्मो में नायक और नायिका अपने जज्बातों को एक-दूसरे तक पहुंचाने का जरिया रहा है । लेकिन रियल लाइफ में भी लोग दिल की बात पहुंचाने के लिए अलग-अलग म…

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डाक विभाग ने पोस्टकार्ड, अंतर्देशीय और लिफाफे आदि की कीमत बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इस आशय का प्रस्ताव पीएमओ को मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही डाक की नई दरें…

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ई-मेल और सोशल मीडिया के प्रचार-प्रसार के कारण आम जनता के बीच डाक का इस्तेमाल घटा है। जहां 2001-02 में देश में सालाना 1424.34 करोड़ पत्रों की आवाजाही होती थी। वहीं 2010-11…

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पार्सल के जरिए 2013-14 में डाक विभाग की आमदनी केवल 100 करोड़ रुपये थी। लेकिन ई-कामर्स कंपनियों के आगमन ने विभाग की इज्जत बचा ली। इन कंपनियों द्वारा सामान घर-घर पहुंचाने स…

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संचार मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार 16 साल से डाक दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे पहले इनमें 2001-02 में संशोधन किया गया था। तब से वही दरें लागू हैं। जबकि इस दौ…

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