महाभारत कल खंड में भीम जैसा शक्तिशाली कोई नहीं था ,पर क्या आप जनता है की उनकी शादी राक्षस जाती की मायावी महिला थी जिसका नाम हिडिम्बा था और भीम के संबंध में अलग-अलग कथाएं मिलती है।
उन्हीं में से एक कथा यहां प्रस्तुत है।पांचों पांडव लक्षागृह से बचने के बाद एक रात जंगल में सो रहे थे और भीम पहरा दे रहे थे। जिस जंगल में सो रहे थे वह जंगल नरभक्षी राक्षसराज हिडिम्ब का था।
उसकी पुत्री का नाम हिडिम्बा था। हिडिम्ब ने हिडिम्बा को जंगल में मानव का शिकार करने के लिए भेजा। हिडिम्ब जब जंगल में गई तो उससे भीम को पहरा देते हुए देखा और बाकी पांडव अपनी माता कुंती के साथ सो रहे थे।
भीम को देखकर हिडिम्बा मोहित हो गई और मन ही मन उससे विवाह करने का सोचने लगी। वह भेष बदलकर भीम के समक्ष प्रस्तुत हो गई और तभी वहां हिडिम्ब आ धमका।
हिडिम्ब के मरने पर कुंती सहित सभी पांडव लोग वहां से प्रस्थान की तैयारी करने लगे, इस पर हिडिम्बा पांडवों की माता कुंती के चरणों में गिरकर प्रार्थना करने लगी, 'हे माता! मैंने आपके पुत्र भीम को अपने पति…
आप लोग मुझे कृपा करके स्वीकार कर लीजिए। यदि आप लोगों ने मझे स्वीकार नहीं किया तो मैं इसी क्षण अपने प्राणों का त्याग कर दूंगी।
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