हमारे देश के बहुत से धार्मिक स्थल चमत्कारों व वरदानों के लिए प्रसिद्ध हैं. उन्हें में से एक है राजस्थान का प्रसिद्ध “खाटू श्याम मंदिर”. इस मंदिर में भीम के पोते और घटोत्कच के बेटे बर्बरीक की श्याम-रुप…
मान्यता है कि इस बालक में बचपन से ही वीर और महान योद्धा के गुण थे. इन्होंने भगवान शिव को प्रसन्न कर उनसे तीन अभेद्य बाण प्राप्त किए थे. इसी कारण इन्हें तीन बाणधारी भी कहा जाता था. स्वयं अग्निदेव ने इन…
अब वो अपने नीले घोड़े पर सवार हो युद्ध भूमि की ओर निकल पड़े. अंर्तयामी, सर्वव्यापी भगवान श्रीकृष्ण युद्ध का अंत जानते थे. इसीलिए उन्होनें सोचा की अगर कौरवों को हारता देखकर बर्बरीक कौरवों का साथ देने लग…
बर्बरीक मौन हो महाभारत का युद्ध देखते रहे. युद्ध की समाप्ति पर पांडव विजयी हुए. आत्म-प्रशंसा में पांडव विजय का श्रेय अपने ऊपर लेने लगे. आखिरकार निर्णय के लिए सभी श्रीकृष्ण के पास गये. भगवान श्रीकृष्ण…
तब श्रीकृष्ण ने बर्बरीक का परिचय (introduction) कराया और बर्बरीक पर प्रसन्न होकर इनका नाम श्याम रख दिया. अपनी कलाएँ एवँ अपनी शक्तियाँ प्रदान करते हुए भगवान श्रीकृष्ण बोले- बर्बरीक धरती पर तुम से बड़ा द…
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