झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा की चयन प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। झारखंड हाईकोर्ट ने इस परीक्षा में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा अपनाई गई नॉ…
यह मामला विज्ञापन संख्या-13/2023 के तहत हो रही सहायक आचार्य भर्ती से जुड़ा है। मंगलवार को न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आयोग की प्रक…
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने एक चौंकाने वाला उदाहरण पेश किया गया। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने बताया कि एक ही पाली में परीक्षा देने वाले दो अभ्यर्थियों को 69-69 अंक मिले,…
इस पर अदालत ने JSSC से दो मुख्य बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा:
जब अभ्यर्थियों ने एक जैसी परिस्थितियों में परीक्षा दी और उनके मूल अंक (रॉ स्कोर) भी समान थे, तो नॉर्मलाइजेशन के बाद उनके अंकों में इतना बड़ा अंतर कैसे आया?
क्या यह संभव है कि अलग-अलग मूल अंक लाने वाले अभ्यर्थियों का अंतिम नॉर्मलाइज्ड स्कोर एक समान हो जाए? यदि हां, तो इसका आधार क्या है?
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