भारत के चिकित्सा इतिहास में 3 अगस्त की तारीख एक मील का पत्थर है। आज से कई साल पहले, 1994 में इसी दिन देश के डॉक्टरों ने वह कर दिखाया था, जो तब तक सिर्फ एक सपना लगता था —…
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस ऐतिहासिक सर्जरी से पहले, हृदय प्रत्यारोपण की जरूरत वाले भारतीय मरीजों के पास विदेश जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था। यह प्रक्रिया इतनी…
इस दिशा में सबसे बड़ा मोड़ 7 जुलाई 1994 को आया, जब 'मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम' को राष्ट्रपति से मंजूरी मिली। इस कानून ने भारत में अंगदान और प्रत्यारोपण को कानूनी आधार…
यह सफल ऑपरेशन 42 वर्षीय मरीज देवी राम पर किया गया था। उस दौर की तकनीक के हिसाब से यह एक बेहद जटिल सर्जरी थी, जिसे डॉक्टरों की टीम ने सिर्फ 59 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा कर…
राष्ट्रीय हृदय प्रत्यारोपण दिवस की घोषणा
इस उपलब्धि के महत्व को देखते हुए, साल 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 3 अगस्त को 'राष्ट्रीय हृदय प्रत्यारोपण दिवस' घोषित किया। प्रधानमंत्री आवास पर आ…
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