संस्कृति

क्या वास्तव में हनुमान जी के पांच सिर थे?

(फोटो: IANS)

भगवान हनुमान भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार माने जाते है और वे प्रभु श्री राम के सबसे बड़े भक्त के रूप में ब्रह्माण्ड में पूजे जाते है। हनुमान जी ने वानर जाति में जन्म लिया। उनकी माता का नाम अंजना और उ…

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इसी कारण इन्हें आंजनाय और केसरीनंदन आदि नामों से पुकारा जाता है। वहीं हनुमान जी को पवन पुत्र के तोर पर भी जाने जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते है हनुमान जी को पंचमुखी के रूप में भी पूजा जाता है।

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जब मरियल नाम का दानव भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र चुराता है और यह बात जब हनुमान को पता लगती है तो वह संकल्प लेते हैं कि वे चक्र पुनः प्राप्त कर भगवान विष्णु को सौप देंगे। मरियल दानव इच्छानुसार रूप बदल…

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पार्वती जी ने उन्हें कमल पुष्प एवं यम-धर्मराज ने उन्हें पाश नामक अस्त्र प्रदान किया। आशीर्वाद एवं इन सबकी शक्तियों के साथ हनुमान जी मरियल पर विजय प्राप्त करने में सफल रहे। तभी से उनके इस पंचमुखी स्वरू…

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इस सन्दर्भ में यह भी कथा मशहूर है कि जब जब राम और रावण की सेना के बीच युद्ध चल रहा था और रावण अपने पराजय होने वाले था। तब उसने अपने मायावी भाई अहिरावन को याद किया जो मां भवानी का परम भक्त होने के साथ…

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कुछ घंटे बाद जब माया का प्रभाव कम हुआ तब विभिषण ने यह पहचान लिया कि यह कार्य अहिरावन का है और उसने हनुमानजी को श्री राम और लक्ष्मण सहायता करने के लिए पाताल लोक जाने को कहा। पाताल लोक के द्वार पर उन्हे…

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