राजनीति

क्या अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव से सिर्फ खाद तय होता है पट्रोल और डीजल नहीं ?

(फोटो: IANS)

किसानों द्वारा केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध आंदोलन जारी है. जिसमें किसानों का कहना है कि ये कानून किसानों को बर्बाद कर देगें. लेकिन वहीं केंद्र सरकार इसको किसानों की इंकम दोगुनी करन…

(फोटो: IANS)

इसी बीच एक ऐसी खबर आई जिसने लगभग सभी को चौंका दिया. जिसमें  कहा गया कि सहकारी समिति इफको (IFFCO) द्वारा खाद (गैर यूरिया फर्टिलाइजर) के दाम में बढौत्तरी की गई है. वो बढ़ौत्तरी भी कोई 100-200 रूपये…

(फोटो: IANS)

हालांकि इफको का कहना है कि किसानों को डीएपी समेत उपरोक्त सभी खाद नए आदेश तक पुराने रेट पर ही  मिलगें. सरकार के नए आदेश का क्या अर्थ है ?  क्या चुनाव के बाद किसानों पर प्रति 50 किलो खाद पर 70…

(फोटो: IANS)

इसके अलावा इफको को सफाई देनी पड़ी कि वह पुराने रेट पर ही खाद बेचेगा और बढ़े रेट सिर्फ बोरियों पर प्रिंट करने के लिए थे. इससे भी भ्रम की स्थिति पैदा होती है क्योंकि इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि अ…

(फोटो: IANS)

यह भी पढ़ें: भारत में सिर्फ हरियाणा के कौन से गांव में मिलता है “हिलना पत्थर” ?

(फोटो: IANS)

हालांकि आपको बता दें, उर्वरक का मूल्य नियंत्रण मुक्त है तथा सरकार इस पर किसानों को सब्सिड़ी देती है. फिर भी किसानों के लिए खाद के मूल्य में बढोत्तरी एक बहुत बुरे सपने जैसा है. सरकार की तरफ से बढे हुए…

(फोटो: IANS)

पूरी खबर News4Social पर पढ़ें

(फोटो: IANS)
पूरी खबर पढ़ें →