से बंधा हुआ है और जरूरत के मुताबिक अपना आकार ढाल लेता है। अच्छाई और बुराई के
झूले में झूलते इस जिन्दगी की कई परिभाषाएं हैं। मगर इन सबके बीच यहां कड़वे सच का
संसार भी भरा हुआ है। अगर आप जीवन के तमाम कड़वे और चुंभने वाले सच से रूबरू हो
जाते हैं तो आपकी जिन्दगी का नजरिया ही बदला जाएगा।
1- झूठ बोलना- बचपन में, स्कूल में, कॉलेज में हमें सिखाया जाता है कि झूठ नहीं बोलना चाहिए और झूठ बोलना पाप है। मगर फिर भी 90 फीसदी लोग झूठ बोलते हैं।
2- पैसे की धारणा- बुजुर्ग और अनुभवी लोग सिखाते हैं कि मरने के बाद कुछ नहीं रह जाता है। इस सीख के बावजूद हर शख्स पैसे के पीछे भागता है और जिन्दगी में बहुमूल्य परिवार के अलावा अपने करीबियों को खो देता ह…
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