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हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक से भारत को क्या फायदा होगा?

(फोटो: IANS)

डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के साइंटिस्‍ट्स ने हाइपरसोनिक टेक्‍नोलॉजी (Hypersonic Technology) विकसित कर ली है। ओडिशा के बालासोर में हाइपरसोनिक टेक्‍नॉलजी डिमॉन्‍स्‍ट्रेटर वीइकल (HST…

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HSTDV को न सिर्फ हाइपरसोनिक और लॉन्‍ग रेंज क्रूज मिसाइल्‍स के वीइकल की तरह इस्‍तेमाल किया जा सकेगा, बल्कि इसके कई सिविलियन फायदे भी हैं। इससे छोटे सैटेलाइट्स को कम लागत में लॉन्‍च किया जा सकता है। हाइ…

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क्रूज मिसाइलों का टारगेट या तो पहले से तय रहता है या फिर वे लोकेट करती हैं। इनमें एक गाइडेंस सिस्‍टम लगा होता है। इन्‍हें जमीन, हवा या पानी कहीं से भी छोड़ा जा सकता है। यह सबसोनिक, सुपरसोनिक और हाइपरस…

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बैलिस्टिक मिसाइल को सीधे धरती के वायुमंडल की ऊपरी परत में छोड़ा जाता है। वे वायुमंडल के बाहर चलती हैं और वारहेड मिसाइल से डिटेच हो जाता है और टारगेट पर गिरता है। ये रॉकेट से प्रॉपेल किए जाने वाले सेल्…

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इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBMs) वे मिसाइलें होती हैं जिनकी रेंज कम से कम 5,500 किलोमीटर होती है। यह अपने साथ न्‍यूक्लियर व अन्‍य पेलोड्स ले जा सकती हैं। भारत के अलावा अमेरिका, रूस, चीन, फ्र…

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