भारत को अनेंकता में एकता वाला देश भी कहा जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां विभिन्न धर्म और जातियों के लोग मिल झुलकर रहते हैं. कभी कभी धर्म और जातियों में संघर्ष भी देखने को मिलता है. जिसके पी…
प्राचीन भारत के इतिहास में वर्ण व्यवस्था-
प्राचीन भारत के इतिहास में यदि ऋग्वेदिक काल की बात करें, तो उस समय समाज को वर्णों में विभाजित किया गया था. लेकिन ऐसा सिर्फ और सिर्फ काम के आधार पर था. यह जन्म पर आधारित नहीं था. ऋग्वेद के दसवें मंडल म…
वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था का संबंध-
वर्ण व्यवस्था के कठोर हो जाने के बाद निर्धारित किया गया था कि कोई व्यक्ति अपनी नीची जाति में शादी नहीं कर सकता था. लेकिन उस समय भी प्रेम विवाह ( गंधर्व विवाह ) होते थे. जिसमें पुरूष उंची जाति से संबंध…
मध्यकालिन भारत से जाति व्यवस्था की शुरूआत-
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें