इंटरनेट का उपयोग हॉस्पिटल में किस तरह से किया जाता है इसको लेकर हम आपको बताते हैं की अस्पताल में मैनुअल सिस्टम से काम होने के बजाए सभी काम ऑनलाइन होंगे। ओपीडी में पर्ची कटाने से लेकर दवाई की बिलिंग व…
हर मरीज का होगा अलग कोडजब पंजीकरण होगा, उसे एक कोड दिया जाएगा। हर मरीज का कोड अलग होगा। इसी कोड से वह जांच रिपोर्ट ऑनलाइन निकाल सकता है। मरीज का रिकॉर्ड महीनों तक सुरक्षित रखा जाएगा। इमरजेंसी वार्ड, ओ…
दवाई ना होने का बहाना नहीं चलेगाऑनलाइन के बाद अस्पताल के कर्मचारी मरीजों से संबंधित जानकारी या रिकार्ड नहीं होने का बहाना नहीं बना सकेंगे। कई बार उन्हें मार्केट से दवाइयां लाने पर मजबूर करते हैं। इसके…
जन्म-मृत्यु का रिकाॅर्ड भीजिला अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों की जानकारी ऑनलाइन होगी। जन्म मृत्यु रिकार्ड को भी ऑनलाइन किया जाएगा। जिसके जरिए लोगों को उनके सगे संबंधियों के जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बने ह…
ऐसे काम करेगा सिस्टमदवाइयां, स्नेक बाइट, रैबीज के इंजेक्शन है या नहीं, इसकी जानकारी मोबाइल या कम्प्यूटर में वेबसाइट में क्लिक करते ही मिलेगी। यदि मरीज घर में बैठे है तो वे अस्पताल में उपयोग की दवाई है…
मरीजों को ये होंगे फायदेएक ही स्थान पर मरीजों की जांच व भुगतान की सुविधा मिलेगी।
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