भारत में डिप्रेशन को गंभीरता से नहीं लिया जाता है और इससे अक्सर पागलपन से जोड़ा जाता है। डिप्रेशन एक तरह कि मानसिक से संबंधित बीमारी है। इसका काफी ही विकराल रूप होता है और आगे चलकर यह काफी गंभीर रोग मे…
इसमें व्यक्ति को काफी अकेलेपन महसूस होता है। उसके मन में कई तरह के नकारात्मक ख्याल आते है। कई बार व्यक्ति अपने आप को संभल नहीं पता और परिस्थितियों के समक्ष खुद को काफी बेबस समझता है और अपनी जिंदगी खत्…
डिप्रेशन को खतरनाक रूप लेने में वक़्त नहीं लगता यहाँ तक ही डिप्रेशन से ग्रसित लोग खुद को शारीरिक रूप से भी कष्ट पहुंचते है। सामान्य तोर पर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में इसके अलग-अलग लक्षण देखने को मिल…
जैसे हर समय बेचैनी और असहाय महसूस करना, गुस्सा, चिड़चिड़ापन, मूड डिसऑर्डर, ठीक से नींद ना आना, मन में नकारात्मक विचार आना, उदास रहना, किसी भी काम में मन ना लगना, जरूरत से ज्यादा थकावट, यौन इच्छाओं में…
अगर किसी को अत्यधिक तनाव है और वो लगतार खुद को दुसरो से compare करे और खुद को छोटा या किसी काम का नहीं समझे तो व्यक्ति में आत्महत्या जैसे विचार आने लगते हैं।
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