एड्स का पूरा नाम है 'एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम' है और यह बीमारी एच.आई.वी. वायरस से होती है. यह वायरस मनुष्य की प्रतिरोधी क्षमता को कमज़ोर कर देता है. एड्स एच.आई.वी. पाजी़टिव गर्भवती महिला…
एच.आई.वी. पाजी़टिव होने का अर्थएच.आई.वी. पाजी़टिव होने का मतलब है, एड्स वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर गया है, इसका यह मतलब नहीं होता कि आपको एड्स है. यही नहीं एच.आई.वी. पाजीटिव होने के 6 महीने से 10 स…
एक स्वस्थ व्यक्ति अगर एच.आई.वी. पाजीटिव के संपर्क में आता है, तो वह भी संक्रमित हो सकता है. ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह होती है, कि एक एच.आई.वी. पाजि़टिव को इस बीमारी के पता आप कैसे लगा सकते है.
एच.आई.वी. के लक्षणकई-कई हफ्तों तक लगातार बुखार रहना, हफ्तों तक खांसी का रहना, अकारण वजन का घटना, मुँह में घाव का होना, भूख खत्म हो जाना, बार-बार दस्त लगना, गले या बगल में सूजन भरी गिल्टियों का हो जाना…
एड्स से बचाव एड्स से बचाव के लिए सामान्य व्यक्ति को एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्ति के वीर्य, योनि स्राव अथवा रक्त के संपर्क में आने से बचना चाहिए, साथ ही साथ एड्स से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतन…
पीड़ित साथी या व्यक्ति के साथ यौन सम्बन्ध स्थापित नहीं करना चाहिए, अगर कर रहे हों तो सावधानीपूर्वक कंडोम का प्रयोग करना चाहिए, लेकिन कंडोम इस्तेमाल करने में भी कंडोम के फटने का खतरा रहता है. अपने जीवनस…
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