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जाट समाज में बागड़ी गोत्र का इतिहास, स्थान तथा कुलदेवी या कुलदेवता का नाम

(फोटो: IANS)

जाट समाज का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है. जाट समाज के लोग सिंधु घाटी में पशुचारण का काम करते थे और जो पारंपरिक रूप से गैर-अभिजात वर्ग है. वहां से बाद में मध्ययुगीन काल में उत्तर में पंजाब क्षेत्र मे…

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बागड़ी गोत्र जाट समाज से संबंध रखता है. ऐसा बताया जाता है कि बागड़ी जाट शब्द का प्रयोग ऐसे हिंदू जाटों के लिए किया जाता है जो बागड़ से हों या राजस्थान के बिकानेर के मैदानों के लिए और वो जो दक्षिण-पश्च…

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अगर जाटों में पुनिया / बाहद गोत्र की कुलदेवी या कुलदेवता कालका माता / कैवाय माता है. जो बाड़मेर जिला राजस्थान में हैं. अगर आप कुलदेवी या कुलदेवता के नाम से भ्रमित ना हों. कुलदेवता और कुलदेवी एक ही होत…

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जहां कुलदेवता होता है. इसका मतलब ये होता है कि आपके पूर्वज पलायन करके उस स्थान से दूसरी जगह चले गए. आप कुल देवता की पूजा करने जाते हैं, तो वहां उस क्षेत्र में आप अपने कुल के लोगों से मिल सकते हैं.

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News4social इनकी पुष्टि नहीं करता है.

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