तमिलनाडु सरकार संसद में राज्य का प्रतिनिधित्व कम होने की आशंका को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बुधवार को विधानसभा में एक विशेष प्रस्…
यह प्रस्ताव 8 अगस्त को चेन्नई में सांसदों के साथ हुई एक परामर्श बैठक के बाद लाया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री विजय ने की थी। उस बैठक में इस बात पर सहमति ब…
प्रस्तावित प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया गया है कि 1971 की जनगणना के आधार पर ही लोकसभा और विधानसभा सीटों का आवंटन दशकों से होता आया है। इसमें उन खबरों पर चिंता जताई गई…
तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पेश किए जाने वाले इस प्रस्ताव के जरिए केंद्र से कई प्रमुख आग्रह किए जाएंगे:
लोकसभा की सीटों की संख्या को स्थायी रूप से 543 पर ही सीमित रखा जाए।
राज्यों के बीच संसदीय सीटों के मौजूदा आवंटन को फ्रीज कर दिया जाए ताकि उनका वर्तमान आनुपातिक प्रतिनिधित्व बना रहे।
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