व्यापारियों के कई प्रमुख संगठनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक के बाद अपना प्रस्तावित 'नो यूपीआई डे' आंदोलन वापस ले लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, य…
यह पूरा मामला 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क से जुड़ा है, जो 15 अक्टूबर से लागू होना है। व्यापारियों का मानना है कि इस शुल्क…
इस बैठक में देश के अलग-अलग राज्यों से आए करीब 20 व्यापार प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव और चांदन…
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "वित्त मंत्री से हुई सकारात्मक चर्चा के बाद एआईसीपीडीएफ और सीएआईटी ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित 'नौ यूपीआई डे' अभियान को वापस लेने का फैसला किया है।…
मुख्य रूप से ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स फेडरेशन (AICPDF) और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने इस शुल्क के विरोध में 2 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' मनाने का आह…
इस महीने की शुरुआत में, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने स्पष्ट किया था कि यह शुल्क (MDR) केवल 2,000 रुपये से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर ही लागू…
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