तमिलनाडु इस समय एक बड़े जल संकट का सामना कर रहा है, जिसका मुख्य कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून का कमजोर पड़ना और औसत से ज़्यादा तापमान है। राज्य के 90 प्रमुख जलाशयों में पानी…
मौजूदा जल स्तर पिछले वर्ष की तुलना में आधे से भी कम है, जो राज्य में बारिश की भारी कमी को दर्शाता है। इस वजह से कई जिलों में सिंचाई और पीने के पानी की आपूर्ति को लेकर गंभ…
राज्य के सबसे महत्वपूर्ण जलाशयों में से एक, मेट्टूर बांध की हालत भी ठीक नहीं है। कावेरी डेल्टा क्षेत्र की सिंचाई के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले इस बांध में सोमवार को 93.4…
आंकड़ों के अनुसार, 90 में से 58 जलाशयों में 25 प्रतिशत से भी कम पानी बचा है। केवल तेनकासी जिले का गुंडार जलाशय ही अपनी पूरी क्षमता पर है। वहीं, 14 जलाशयों में 26 से 50 प्…
इस संकट के बीच एक बड़ा पहलू कावेरी जल का भी है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कर्नाटक ने तमिलनाडु के हिस्से का पूरा पानी नहीं छोड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश…
अब तमिलनाडु की उम्मीदें इस साल के अंत में आने वाले उत्तर-पूर्व मानसून पर टिकी हैं, ताकि जलाशयों को फिर से भरा जा सके और कृषि एवं पेयजल की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।
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