केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 2011 में हुई सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) के दौरान इकट्ठा किए गए जाति से जुड़े कच्चे आँकड़े गलतियों से भरे हैं और वे…
समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने सितंबर 2021 में दायर अपने हलफनामे में इन खामियों का विस्तृत ब्यौरा दिया था।…
केंद्र ने बताया कि डेटा में कई जगहों पर जाति के नाम की जगह नंबर या प्रतीक (सिंबल) दर्ज कर दिए गए थे। एक बड़ी समस्या यह भी थी कि एक ही जाति की स्पेलिंग अलग-अलग तरीकों से ल…
इसी तरह, कई बार परिवारों ने अपनी जाति बताने से इनकार कर दिया या संग्रहकर्ता उसे दर्ज नहीं कर पाया, ऐसे मामलों में 'X' जैसी प्रविष्टियाँ की गईं। सरकार के मुताबिक, अगर जाति…
सरकार ने महाराष्ट्र के आँकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया कि राज्य की कुल 10.3 करोड़ की आबादी में से 1.17 करोड़ लोगों (11.12%) को 'बिना जाति' का दर्ज किया गया। जनगणना में…
हलफनामे में इस बात पर भी जोर दिया गया कि महाराष्ट्र में गिनी गईं 99 प्रतिशत से ज्यादा जातियों की आबादी 100 लोगों से भी कम थी। केंद्र ने कहा, "यह स्पष्ट है कि एसईसीसी 2011…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें