शेयर बाजार में छोटे निवेशकों को ऊंचे दामों पर शेयर बेचकर करोड़ों कमाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक बड़े 'पंप एंड…
सेबी ने अपने 394 पन्नों के आदेश में इस सुनियोजित हेरफेर से कमाई गई करीब 144 करोड़ रुपये की अवैध राशि को 12% सालाना ब्याज के साथ वसूलने का भी निर्देश दिया है। यह कार्रवाई…
जांच के मुताबिक, यह घोटाला 2017 से 2020 के बीच अंजाम दिया गया। इस नेटवर्क ने पांच लिस्टेड कंपनियों — मौर्या उद्योग, 7एनआर रिटेल, दार्जिलिंग रोपवे कंपनी, जीबीएल इंडस्ट्रीज…
पहला चरण: गिरोह से जुड़े ट्रेडरों ने आपस में ही इन कंपनियों के शेयरों की खरीद-फरोख्त (सिंक्रोनाइज्ड और सर्कुलर ट्रेडिंग) शुरू की। इससे बाजार में इन शेयरों की मांग और कीमत…
दूसरा चरण: जब शेयरों की कीमत और ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी बढ़ गए, तो आम निवेशकों को फंसाने के लिए बड़े पैमाने पर SMS अभियान चलाया गया। ये संदेश ऐसे सेंडर आईडी से भेजे जाते थे…
तीसरा चरण: इन संदेशों से प्रभावित होकर हजारों खुदरा निवेशकों ने ऊंचे दामों पर शेयर खरीदना शुरू कर दिया। जैसे ही खरीदारी बढ़ी, गिरोह से जुड़ी संस्थाओं ने अपने शेयर बेचकर भ…
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