सुप्रीम कोर्ट ने 2,000 रुपये से अधिक के कुछ खास यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के केंद्र सरकार के फैसले पर तत्काल रोक लग…
यह मामला सरकार द्वारा 14 सितंबर, 2026 को जारी उस गजट नोटिफिकेशन से जुड़ा है, जिसमें 2,000 रुपये से ज़्यादा के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI लेनदेन पर MDR लगाने का फ्रे…
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एन. वेंकटरमन ने अदालत को बताया कि यह शुल्क 96 प्रतिशत लेनदेन पर लागू नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किय…
दूसरी ओर, वकील अंजन दत्ता द्वारा दायर याचिका में इस फ्रेमवर्क को मनमाना और भेदभावपूर्ण बताया गया है। याचिका में कहा गया है कि यह बिना किसी उचित कानूनी सुरक्षा के पूरे देश…
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद संबंधित पक्षों से हलफनामे पर तथ्य और जानकारी मांगी। याचिका…
इस फ्रेमवर्क के तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ खास P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR का प्रस्ताव है। 75,000 रुपये और उससे अधिक के लेनदेन के लिए शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुप…
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