मुंबई के बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा संचालित कूपर अस्पताल में दो अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं को बुर्का पहनने के कारण प्रसूति वार्ड में प्रवेश से रोके जाने क…
यह मामला तब सामने आया जब एक महिला, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, ने बताया कि उन्हें अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में जाने से इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने बुर्का पहना हुआ थ…
एक अन्य महिला, अधिवक्ता जहरा शेख ने भी मंगलवार को अपने साथ हुई ऐसी ही घटना की पुष्टि की। उन्होंने IANS को बताया, “मेरे साथ भी अंधेरी स्थित कूपर अस्पताल में यही घटना हुई।…
इस घटना पर राजनीतिक दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। एनसीपी (शरद पवार) की प्रवक्ता विद्या चव्हाण ने कहा, “अगर उनका धर्म उन्हें बुर्का पहनने की अनुमति देता है, तो किसी चौकीदार…
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, “इस तरह का व्यवहार देश के लिए नुकसानदायक है... हम मांग करते हैं कि सिर्फ बुर्का पहनने के कारण महिला को अस्पताल में प्रव…
विवाद के बाद मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “यह पूरी तरह गलत है। यह बुनियादी मानवता का मामला है... अस्पताल किसी व्यक्ति को…
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