केंद्र सरकार पेट्रोलियम सेक्टर के नियमों को बदलने की तैयारी कर रही है, जिसका मकसद कारोबार को आसान बनाना और साथ ही गंभीर अपराधों पर लगाम कसना है। पेट्रोलियम (संशोधन) विधेय…
इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य दोहरी नीति अपनाना है। एक तरफ, यह लाइसेंस की शर्तों के मामूली उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करता है ताकि कंपनियों को राहत मिले…
सरकार ने पेट्रोलियम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कई कड़े प्रावधान रखे हैं। मसौदे के मुताबिक, गंभीर अपराधों के लिए सजा और जुर्माने इस प्रक…
बिना लाइसेंस काम करना: पेट्रोलियम का उत्पादन, भंडारण या परिवहन जैसी गतिविधियां बिना लाइसेंस के चलाने पर 3 साल तक की जेल और 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अगर य…
धोखाधड़ी से लाइसेंस लेना: गलत जानकारी या जाली पहचान पत्र से लाइसेंस हासिल करने पर 5 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान: पेट्रोलियम पाइपलाइन या अन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने या ईंधन चोरी करने पर पहली बार में 5 साल की जेल और 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगेगा। यही…
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