भारत में अब सभी कानूनी, प्रशासनिक और कारोबारी कामों के लिए भारतीय मानक समय (IST) को ही एकमात्र आधिकारिक समय के तौर पर स्थापित कर दिया गया है। सरकार की ‘एक देश, एक समय’ पह…
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नियमों को 27 अगस्त को अधिसूचित किया गया था और ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशन के 180 दिनों के बाद लागू हो जाएंगे। यह छह महीने क…
आज के डिजिटल दौर में लगभग हर तकनीक-आधारित प्रणाली सटीक समय पर निर्भर करती है। बैंकिंग और डिजिटल भुगतान से लेकर रेलवे, टेलीकॉम, पावर ग्रिड और सरकारी रिकॉर्ड तक, हर जगह सटी…
इस नई व्यवस्था से बैंकिंग लेनदेन में टाइमस्टैम्प की सटीकता बढ़ेगी, रेलवे और हवाई अड्डों जैसे परिवहन नेटवर्कों में बेहतर तालमेल संभव होगा और टेलीकॉम व इंटरनेट सेवाओं की वि…
फिलहाल, भारत में कई महत्वपूर्ण प्रणालियाँ समय के निर्धारण के लिए विदेशी सैटेलाइट आधारित स्रोतों पर निर्भर हैं। नए नियमों के तहत, सरकार स्वदेशी बुनियादी ढाँचे का विकास कर…
इस पहल से न केवल बाहरी टाइमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारी निर्भरता कम होगी, बल्कि महत्वपूर्ण प्रणालियों के लिए समय का एक अतिरिक्त और सुरक्षित स्रोत भी उपलब्ध होगा। इसी दिशा…
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