भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए उठाए गए एक नीतिगत कदम का बड़ा असर देखने को मिला है। समाचार एजेंसी IANS के आंकड़ों के मुताबिक, इस कदम क…
इस अवधि में NRI जमा योजनाओं में कुल 36.24 अरब डॉलर का प्रवाह हुआ, जबकि पिछले साल इसी दौरान यह आँकड़ा महज़ 4.66 अरब डॉलर था। यह 678.2 प्रतिशत की ज़बरदस्त सालाना वृद्धि है,…
इस शानदार वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा योगदान 'फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक)' यानी FCNR(B) खातों का रहा है। RBI ने जून में एक रियायती स्वैप सुविधा शुरू की थी, जिसका मकसद व…
आँकड़े बताते हैं कि अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान FCNR(B) जमा का प्रवाह बढ़कर 34.53 अरब डॉलर हो गया। यह पिछले साल की समान अवधि के 77.2 करोड़ डॉलर की तुलना में एक असाधारण…
कुल NRI जमा (जिसमें FCNR(B), NRE और NRO खाते शामिल हैं) की बकाया राशि जुलाई 2026 तक बढ़कर 200.89 अरब डॉलर हो गई। यह जुलाई 2025 में 167.86 अरब डॉलर और जून 2026 में 168.51…
जहाँ एक ओर FCNR(B) खातों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई, वहीं 'नॉन-रेजिडेंट एक्सटर्नल' (NRE) खातों में प्रवाह काफ़ी घट गया। वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में NRE खातों मे…
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