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सुभाष चंद्रा की दिवालियापन योजना पर NCLT ने लगाई रोक, 99.97% कर्जमाफी का था प्रस्ताव

(फोटो: IANS)

एस्सेल ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा से जुड़े व्यक्तिगत दिवालियापन के एक बड़े मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने अपने ही पिछले फैसले पर रोक लगा दी है। इस फैसल…

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मामले की गंभीरता को देखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की अपील पर NCLT ने सुभाष चंद्रा को अपनी संपत्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बेचने या ट्रांसफर करने से भी रोक…

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यह मामला तब उलझ गया जब NCLT की मूल दो-सदस्यीय बेंच ने पुनर्भुगतान योजना पर अलग-अलग राय दी। इसके बाद मामले को तीसरे सदस्य के पास भेजा गया, जिन्होंने 25 अगस्त को योजना को म…

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यह दिवालियापन मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि इसमें 22,006.57 करोड़ रुपये के कुल स्वीकृत दावों के बदले सिर्फ 6.5 करोड़ रुपये चुकाने का प्रस्ताव था। इसका मतलब था कि कर्ज…

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इस बेहद कम रिकवरी वाले प्रस्ताव का एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक समेत कई बड़े कर्जदाताओं ने कड़ा विरोध किया था। उदाहरण के लिए, एलआईसी हाउसिं…

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वहीं, सुभाष चंद्रा ने इस कार्यवाही को भारी-भरकम व्यक्तिगत कर्ज माफी बताए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर कोई कर्ज नहीं लिया था, बल्कि वह…

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