महाराष्ट्र में खेती-किसानी को और उन्नत बनाने के लिए राज्य सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 'डिजिटल ट्विन लर्निंग' जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को हरी झंडी दे दी…
इस पहल के शुरुआती चरण में राज्य भर से 10,000 किसानों को चुना जाएगा। परियोजना के तहत सैटेलाइट, ड्रोन, आईओटी सेंसर और डेटा एनालिटिक्स जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग किया जाएगा…
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि यह पहल बारामती के एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी, मिट्टी की घटती उर्वरता और बढ़ती उत्पादन लागत जैसी चुनौत…
फडणवीस ने कहा, "मशीन लर्निंग के जरिए इस डेटा का विश्लेषण करके राज्य हर किसान को फसल से जुड़ी खास सलाह दे सकेगा, जिससे इनपुट लागत कम होगी और खेती से होने वाली कुल आय बढ़ेग…
एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ट्रस्ट के सीईओ नीलेश नलावडे ने पायलट प्रोजेक्ट के सफल नतीजों की जानकारी दी। गन्ने की खेती पर किए गए शुरुआती ट्रायल में उत्साहजनक परिणाम देखने को मिल…
नलावडे ने आगे कहा, "एआई-आधारित सिंचाई मैनेजमेंट से औसतन 42 प्रतिशत पानी की बचत हुई, जिससे हर दिन प्रति हेक्टेयर लगभग 90,000 लीटर पानी बचाया जा सका।" ड्रोन से ली गई तस्वीर…
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