तमिल फिल्म जगत को शनिवार को एक गहरा आघात लगा। कृष्णस्वामी भाग्यराज — जिन्हें सिनेप्रेमी प्यार से के. भाग्यराज कहते थे — दिल का दौरा पड़ने से दुनिया छोड़ गए। एक ही शख्सियत में निर्देशक, अभिनेता और पटकथ…
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 जनवरी 1953 को तमिलनाडु में जन्मे भाग्यराज की पहचान महज मनोरंजन तक सीमित नहीं थी। वे सामाजिक मुद्दों को परदे पर उठाने के लिए बेजोड़ हास्य का सहारा लेते थे — और यही उनकी ले…
उनकी यादगार फिल्मों में 'अंधा 7 नाटकाल', 'मुंधानई मुदिचू', 'थूरल निन्नु पोचु', 'डार्लिंग डार्लिंग डार्लिंग', 'इधु नम्मा आलू', 'इंद्रु पोई नालई वा', 'मौना गीथांगल' और 'रुद्र' शामिल हैं। इनमें से कई को…
कमल हासन से अमिताभ तक — भाग्यराज की कलम का जादू
भाग्यराज की लेखन प्रतिभा का एक रोचक पहलू यह भी है कि उन्होंने 'ओरु कैधियिन डायरी' की कहानी लिखी थी — जिसका निर्देशन उनके गुरु भरथिराजा ने किया और मुख्य भूमिका कमल हासन ने निभाई। इसी फिल्म का हिंदी रीम…
निर्देशक एम. राजेश ने सोशल मीडिया पर अपना दुख साझा करते हुए लिखा — "भगवान आपकी आत्मा को शांति दे, दिग्गज के. भाग्यराज सर। आपकी कहानी कहने की कला, ह्यूमर और सदाबहार पटकथाओं ने लेखकों और निर्देशकों की क…
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