कमजोर शुरुआत के बाद हाल के महीनों में मानसून की स्थिति काफी बेहतर हुई है, जिससे खरीफ फसलों को बड़े नुकसान की आशंका घट गई है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी एक रिपोर्…
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, लेकिन इसमें लगातार सुधार हो रहा है। इस सुधार का सीधा असर खरीफ…
मानसून के जोर पकड़ने से फसलों की बुवाई में आई शुरुआती कमी भी काफी हद तक पूरी हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जून के अंत तक खरीफ की कुल बुवाई पिछले साल की तुलना में 21% पीछे…
हालांकि, कुछ चुनिंदा फसलों की बुवाई अभी भी पिछले साल से कम है। धान का रकबा 3.7% और मक्का का रकबा 4% घटा है। इसके विपरीत, दलहन, तिलहन, गन्ना और कपास जैसी अन्य प्रमुख फसलों…
बारिश की कमी के असर को कम करने में देश के प्रमुख जलाशयों में मौजूद पानी ने भी अहम भूमिका निभाई है। रिपोर्ट बताती है कि महाराष्ट्र और गुजरात में जलाशयों का जलस्तर 10 साल क…
मैक्वायरी की रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि मानसून में सुधार, बुवाई के आंकड़ों में सीमित कमी और जलाशयों में पर्याप्त पानी ने मिलकर खरीफ उत्पादन में बड़ी गिरावट के जोखिम को काफ…
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