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भारतीय मखाना बाजार: किसानों की कमाई और देश की अर्थव्यवस्था के लिए कैसे बन रहा है एक सुनहरा अवसर?

(फोटो: IANS)

भारत में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और हेल्दी स्नैक्स की बढ़ती मांग ने मखाना यानी फॉक्स नट को एक सुपरहिट सुपरफूड बना दिया है। यही वजह है कि आने वाले कुछ सालों में…

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यह वृद्धि मजबूत घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात के बढ़ते अवसरों पर आधारित होगी। दिलचस्प बात यह है कि वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 के दौरान मखाने के उत्पादन में सिर्फ…

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आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में देश का कुल मखाना उत्पादन 63,910 मीट्रिक टन था, जिसमें प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता 2.03 मीट्रिक टन रही। वहीं, 2025-26 के लिए दूसरे अग्रिम अ…

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देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार का दबदबा कायम है, जहां 2025-26 में लगभग 60,000 मीट्रिक टन उत्पादन होने का अनुमान है। राज्य की औसत उत्पादकता लगभग 2 मीट्रिक टन प्रति हेक…

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कम वसा और उच्च पोषण जैसे गुणों के कारण मखाना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में लोकप्रिय हो रहा है। भारत हर साल 0.6 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा मखाने का उत्पादन करता ह…

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इस क्षेत्र की क्षमता को देखते हुए, केंद्र सरकार ने बजट 2025-26 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की है। इसके अलावा, 2025-26 से 2030-31 के लिए 476.03 करोड़ रुप…

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