भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ाने की मुख्य वजह सस्ती कीमत नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने का डर है। एक्सिस बैंक की एक इकोनॉमिक रिस…
समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मंगलवार को जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से भारत रूस से 298 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीद चुका है। मौजूदा सम…
रिपोर्ट विश्लेषण करती है कि मार्च 2022 से जून 2023 के बीच भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी शून्य से बढ़कर 30 प्रतिशत हो गई थी, जिसकी एक वजह डिस्काउंट हो सकती है…
रिसर्च के अनुसार, 2023 से रूसी कच्चे तेल पर मिलने वाला औसत डिस्काउंट पश्चिम एशिया के मुकाबले 3-5 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि कई बार 7 डॉलर प्रति…
रिपोर्ट में अमेरिकी व्यापार नीतियों का भी ज़िक्र है। इसके अनुसार, व्यापारिक बातचीत में असल में टैरिफ लगाने से ज़्यादा टैरिफ लगाने की धमकी कारगर साबित होती है। तेल की बढ़ी…
इस बीच, चालू वित्त वर्ष में भारत का निर्यात (साल-दर-साल) 19% बढ़ा है। इस बढ़ोतरी में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, धातु और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का अहम योगदान रहा है…
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