भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के साथ डेटा सेंटर उद्योग अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है। लेकिन इस विस्तार के साथ बिजली…
बीमा ब्रोकर कंपनी एऑन की इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में स्थापित डेटा सेंटर की क्षमता साल 2030 तक चार गुना से भी ज़्यादा हो सकती है, जिसके लिए कई परियोजनाएँ पहले से ही चल…
रिपोर्ट में कहा गया है कि नए डेटा सेंटर कहाँ और कितनी तेज़ी से बनेंगे, यह तय करने में अब बिजली की उपलब्धता एक निर्णायक भूमिका निभा रही है। AI से जुड़े कामों में भारी ऊर्ज…
एऑन इंडिया के कमर्शियल रिस्क सॉल्यूशंस के प्रमुख सुशांत सरिन ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए डेवलपर्स अब वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों पर ध्यान दे रहे हैं। इनमें ऑन-साइट…
सिर्फ बिजली ही नहीं, पानी की उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती बन गई है, खासकर उन इलाकों में जहाँ पानी की पहले से कमी है। AI की वजह से डेटा सेंटरों को अधिक कूलिंग की ज़रूरत पड़त…
भौतिक जोखिमों के अलावा, साइबर खतरे भी डेटा सेंटरों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय हैं। आधुनिक डेटा सेंटर आपस में जुड़े कंट्रोल सिस्टम, डिजिटल मॉनिटरिंग टूल और तीसरे पक्ष के…
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