भारत के एथेनॉल उत्पादन कार्यक्रम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ अब पारंपरिक गन्ने के अलावा अनाज आधारित स्रोत प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS द…
यह आपूर्ति एथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2025-26 के तहत किए गए 1,048 करोड़ लीटर के कुल अनुबंध का करीब 85 प्रतिशत है। इन आंकड़ों से साफ है कि देश की एथेनॉल आपूर्ति व्यवस्था अब क…
जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, कुल आपूर्ति में अनाज आधारित स्रोतों का योगदान 624 करोड़ लीटर रहा, जबकि चीनी आधारित स्रोतों से 271 करोड़ लीटर एथेनॉल मिला। अनाज आधारित कच्च…
इसके अलावा, भारतीय खाद्य निगम (FCI) से मिले अधिशेष चावल ने 214 करोड़ लीटर का योगदान दिया और क्षतिग्रस्त खाद्यान्नों से 64 करोड़ लीटर एथेनॉल तैयार किया गया। वहीं, चीनी-आधा…
AIDA की उपमहानिदेशक भारती बालाजी ने कहा कि विभिन्न फीडस्टॉक का इस्तेमाल भारत के एथेनॉल कार्यक्रम को मजबूत बनाता है, क्योंकि इससे देश की कृषि उपज का बेहतर उपयोग होता है और…
हालांकि, एसोसिएशन ने यह भी रेखांकित किया कि जैसे-जैसे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, एथेनॉल के लिए एक स्थिर और अनुमानित मांग सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। भारत सरकार…
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