सरकारी नीतियों से मिली ज़बरदस्त रफ़्तार के चलते भारत इस साल सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ने में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की राह पर है। समाचार एजेंसी IANS को मिली वुड मैकेंजी…
रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ़ 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में ही भारत ने 34 गीगावाट (DC) की सौर क्षमता स्थापित कर ली है। यह आँकड़ा पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 38%…
इस उछाल के पीछे दो बड़ी सरकारी नीतियां हैं। पहली, मॉडल और निर्माताओं की स्वीकृत सूची-II (ALMM-II) की जून 2026 की समय-सीमा। इस नियम का मकसद घरेलू सौर उपकरण निर्माण को बढ़ा…
दूसरा कारण अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन शुल्क में मिलने वाली छूट का धीरे-धीरे खत्म होना है। जुलाई 2026 से चालू होने वाली परियोजनाओं के लिए यह छूट 75% से घटाकर 50% कर दी गई है औ…
वुड मैकेंजी के रिसर्च एनालिस्ट सुरीत सिंह का कहना है, "ALMM-II भारत में एक पूरी तरह से एकीकृत घरेलू सौर सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" हालांकि, उन्हो…
आयात के आंकड़ों से भी यह तस्वीर साफ़ होती है। ALMM-II के कारण चीन से सीधे सौर सेल का आयात कम हुआ है, लेकिन 2026 की शुरुआत में इंडोनेशिया से आयात लगभग तीन गुना बढ़ गया। इस…
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