केंद्र सरकार द्वारा संसद के मानसून सत्र में 'विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम' (FCRA) में संशोधन का विधेयक लाए जाने की संभावना है, जिस पर विपक्षी दलों ने गंभीर चिंता जताई है…
विपक्षी नेताओं ने इस प्रस्तावित कदम के पीछे सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि यह उन संगठनों को निशाना बनाने की कोशिश है जो सरकार की नीतियों की आलोचना करत…
इस मुद्दे पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा ने कहा, "कई एनजीओ और सिविल सोसाइटी संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है कि उनके काम पर असर पड़ेगा और उ…
इसी तरह, CPI(M) सांसद वी. शिवदासन ने आरोप लगाया कि यह बिल लोगों के लिए काम करने वाले पुराने एनजीओ को निशाना बना रहा है। उन्होंने IANS से कहा, "वे (केंद्र) सिर्फ आरएसएस के…
NCP-SP की राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "एफसीआरए बिल लाने के पीछे का उद्देश्य यह है कि केंद्र सरकार देश में ईसाई और मुस्लिम…
हालांकि, YSRCP सांसद गोला बाबू राव ने इस मुद्दे पर एक संतुलित दृष्टिकोण पेश किया। उन्होंने कहा कि विदेशी फंड के गलत इस्तेमाल की जांच के लिए एक केंद्रीय एजेंसी होनी चाहिए।…
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