महाराष्ट्र सरकार ने प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने और राज्य को पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण का एक बड़ा केंद्र बनाने के उद्देश्य से 'महाराष्ट्र बायोप्लास्टिक्स पॉलिसी-2026' को मं…
यह नीति 2026 से 2031 तक प्रभावी रहेगी और इसका उद्देश्य महाराष्ट्र को बायोप्लास्टिक्स के उत्पादन, अनुसंधान, नवाचार और निर्यात में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। सरकार का अन…
इस नीति के तहत हर साल 2 लाख टन पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) और अन्य बायोपॉलिमर की उत्पादन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, आयातित पीएलए पर राज्य की निर्भर…
राज्य मंत्रिमंडल ने इस पूरी नीति के लिए कुल 10,892 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंज़ूरी दी है। इसमें से 782 करोड़ रुपये पहले पांच वर्षों में और 10,110 करोड़ रुपये अगले 20 वर…
सरकारी सूत्रों ने बताया कि पारंपरिक प्लास्टिक कचरे और उससे होने वाले प्रदूषण की गंभीर चिंताओं के कारण इस नीति की ज़रूरत महसूस की गई। वैश्विक बायोप्लास्टिक्स बाज़ार में भा…
महाराष्ट्र गन्ना, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है, जिससे यहां मक्का, बैगास और शीरे जैसे कच्चे माल आसानी से उपलब्ध हैं। राज्य का मज़बूत रासाय…
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