भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की एक विशेष योजना के तहत देश के बैंकों ने भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा जुटाई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस विशेष स्वैप सुव…
इस कुल संग्रह में सबसे बड़ी हिस्सेदारी विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बैंक) यानी FCNR(B) जमाओं की रही। अकेले इस माध्यम से 65.397 अरब डॉलर जुटाए गए हैं। बैंकों ने FCNR(B) जमाओं…
RBI ने यह विशेष अमेरिकी डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा 8 जून 2026 को शुरू की थी। इसके तहत FCNR(B) के अलावा बाह्य वाणिज्यिक उधार (ECB) और विदेशी मुद्रा उधार (OFCB) के ज़रिए भी 7.…
योजना को मिली उम्मीद से बेहतर प्रतिक्रिया को देखते हुए RBI ने हाल ही में FCNR(B) योजना की अंतिम तिथि को 30 सितंबर से घटाकर 31 अगस्त 2026 कर दिया था। केंद्रीय बैंक का कहना…
इस सप्ताह जारी एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि FCNR(B) योजना के तहत डॉलर जुटाने का लक्ष्य संभवतः पहले ही हासिल किया जा चुका है। रिपोर्ट में यह भी क…
रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्वैप सुविधा की लागत लगभग 10.5 अरब डॉलर (कुल कोष का 15%) हो सकती है, जो भारत के विशाल विदेशी मुद्रा भंडार को देखते हुए कोई बड़ी बाधा नहीं है। इस बी…
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