बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश को एक 'गंभीर संवैधानिक संकट' में बताते हुए कहा है कि देश का भविष्य वहां के लोगों की स्वतंत्र राय से तय होना चाहिए, न कि…
यह सेमिनार 'बांग्लादेश का संवैधानिक संकट: शिक्षा का अधिकार, मनमानी हिरासत और ट्रिब्यूनल के कथित तौर पर गढ़े गए फैसले' विषय पर केंद्रित था। इस कार्यक्रम में यूरोप, एशिया औ…
कानून-व्यवस्था और राजनीतिक बदले की कार्रवाई पर चिंता
शेख हसीना ने मौजूदा बीएनपी सरकार पर निशाना साधते हुए राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने, मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में लेने और राजनीति से प्रेरित कानूनी कार्यवाह…
उन्होंने दावा किया कि यह स्थिति अब सिर्फ राजनीतिक अस्थिरता नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, लोगों की सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही का संकट बन चुकी है। उन्होंने देश के विभिन्न ह…
न्यायपालिका और शैक्षणिक संस्थानों पर दबाव
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