बांग्लादेश में जुलाई 2024 के राजनीतिक विद्रोह के बाद से भीड़ द्वारा हिंसा और कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति खतरनाक रूप से बढ़ गई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान मॉ…
रिपोर्ट में ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन 'ऐन ओ सालिश केंद्र' (ASK) के चौंकाने वाले आंकड़ों का उल्लेख किया गया है। इन आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच बांग्ला…
इस बढ़ती अराजकता का एक उदाहरण टीवी पत्रकार रिफात आलम रिसान हैं, जिन्हें खुद भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। दिसंबर 2025 में कट्टरपंथी इस्लामी नेता शरीफ उस्मान बिन हादी…
एक अन्य टीवी पत्रकार जमाल रुहानी ने भीड़ की हिंसा के तरीके पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आमतौर पर एक या दो लोग किसी व्यक्ति को निशाना बनाते हैं और उनके हमला करने के…
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