असम ने पशुधन जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहाँ राज्य की स्वदेशी लखीमी नस्ल की दुनिया की पहली आईवीएफ बछिया का सफलतापूर्वक जन्म हुआ है…
यह सफलता गुवाहाटी के खानापारा स्थित पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय की आईवीएफ प्रयोगशाला में मिली है, जिसे राष्ट्रीय गोकुल मिशन के सहयोग से स्थापित किया गया है। मुख्यमंत…
लखीमी नस्ल असम की एक स्वदेशी मवेशी नस्ल है, और इस तकनीक से इसके संरक्षण में बड़ी मदद मिलेगी। एडवांस्ड असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) का उपयोग करके आनुवंशिक रूप से…
मुख्यमंत्री ने इस नवजात बछिया को आकार में भले ही छोटा बताया, लेकिन कहा कि यह असम के जैव प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी वैज्ञानिक छलांग है। यह पहली बार नहीं है जब अ…
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